तुम्हारे या मेरे नहीं
बल्कि
हमारे होने का मतलब
जैसे
क्षितिज पर
आसमा से
मिलती
धरा …
क्षितिज पर
आसमा से
मिलती
धरा …
जेसे
मेरे केशों में
उलझी
वो
तेरी उंगलियां…
मेरे केशों में
उलझी
वो
तेरी उंगलियां…
जैसे
वो लम्हे
जो नही कर
सकती
मैं बया ….
वो लम्हे
जो नही कर
सकती
मैं बया ….
तुम्ही कहो
सच है ना …
सच है ना …
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