Wednesday, September 24, 2014

अतीत के झरोखे

वक्त के
समन्दर मे
छोड़ जाना
चाहती हूं
अपने कदमों
निशान …
कुछ छाप
कुछ स्मृतियां
जो कभी
विस्मृत ना हो
………………………………
जब भी तुम झांको
अतीत के झरोखे मे
मैं आ खडी होउं
अपने संपूर्ण
अस्तित्व के साथ
मेरी वाचालता
मेरी अनंत इच्छएं
जो तुममे
समाहित कर
दी हैं मेने
अब तुम्हे
जीना है
मैं बनकर
कहो
जी सकोगे …

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