Thursday, October 2, 2014

पूरे गांव में ये खबर आग की भाँति फैल गई।जिसे देखो उसके मुँह पर इसी चमत्कार की चर्चा थी।आस्था का सैलाब उमङ पङा था।हर एक की मंजिल बस एक ही जगह थी।लोग हार,नारियल,अगरबत्ती लिये दौङे चले जा रहे थे।जय माता जी के उद्घोश नें आसमान को गुंजा दिया था।माथे पर लाल सिंदूर लगाए,लाल चूनरी में वो बेठी सभी को दर्शन दे रही थी।भक्तों का तांता लगा था।कल तक उस पर कुत्सिक नजर डालने वाले आज उसे देवी समझ पूज रहे थे।अब वो भेङियों से सुरक्षित थी।

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